साझा उम्मीदवार कौन बन सकता है?
कोई भी ग्रेजुएट जिसकी आयु 21 से 35 वर्ष हो, जिसे सामाजिक कार्य और आंदोलन में भाग लेना का अनुभव हो और जिसमें अपने दम पर कम से कम 500 वोट लाने की क्षमता हो।
यह एक राजनीतिक प्लेटफार्म है, कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है। यह मोर्चा सिस्टम में बदलाव लाने के लिए युवाओं को संगठित करना, चुनाव लड़ने के लिए उनकी सहायता करना और साझा प्रयासों से सिस्टम में बदलाव लाना है।
परंपरागत पार्टी पॉलिटिक्स से मुक्त होकर शिक्षित और सक्रिय युवाओं का चयन करना और उनको “साझा मोर्चा” के बैनर तले “साझा उम्मीदवार” के रूप में निकाय और पंचायत चुनाव लड़वाना एवं जिताना।
साझा उम्मीदवार बनने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और साझा मोर्चा द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले समर्थन की जानकारी।
कोई भी ग्रेजुएट जिसकी आयु 21 से 35 वर्ष हो, जिसे सामाजिक कार्य और आंदोलन में भाग लेना का अनुभव हो और जिसमें अपने दम पर कम से कम 500 वोट लाने की क्षमता हो।
साझा उम्मीदवार का फॉर्म भरकर अपलोड करना है। फॉर्म इस वेबसाइट में उपलब्ध है। उसमें अपने फोटो लगाने हैं और हस्ताक्षर भी करने हैं। एक चयन समिति “साझा उम्मीदवार” का चयन करेगी।
आवेदन फॉर्म भरें →साझा उम्मीदवार “साझा मोर्चा” के बैनर तले एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेगा जिसको चुनाव आयोग चुनाव चिह्न आवंटित करेगा। मोर्चा उसे अपना उम्मीदवार घोषित करेगा।
सोशल मीडिया पर उसका प्रचार।
प्रचार अभियान में साझा मोर्चा लीडर्स और कार्यकर्ताओं की भागीदारी।
दोस्त प्लस समाजों को “साझा उम्मीदवार” को वोट देने की अपील।
अन्य साझा उम्मीदवारों द्वारा अपने समर्थकों को “साझा उम्मीदवार” को वोट देने के लिए कहना।
लोकल मैनिफेस्टो तैयार करना।
डीएनटी समाजों की भागीदारी।
वंचित ओबीसी समाजों की भागीदारी।
वंचित एससी और एसटी समाजों की भागीदारी।
जनरल समाज की भागीदारी — दोस्त प्लस।
राष्ट्रीय पशुपालक संघ एवं डीएनटी संघर्ष समिति के द्वारा इस साझा मोर्चा का गठन ताकि सभी समाज जुड़ सकें और युवा वर्ग को पॉलिटिक्स में सक्रिय किया जा सके, आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता दी जा सके और सिस्टम में बदलाव लाया जा सके।
डीएनटी संघर्ष समिति: पिछले दो वर्ष से डीएनटी के 52 समाजों के अधिकारों को लेकर आंदोलनरत है। राजस्थान के 30 जिलों में आंदोलन किए और अंत में एक जुलाई को जयपुर में “डीएनटी महा-पड़ाव” किया जिसमें करीब एक लाख से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया। सरकार द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से इस आंदोलन का दमन किया गया। उसके बाद “साझा मोर्चा” बनाया गया ताकि सर्व समाज को शामिल कर सिस्टम में बदलाव लाया जा सके।
राष्ट्रीय पशुपालक संघ: किसान संघ की तरह पशुपालकों की समस्याओं के समाधान के लिए नीति निर्माण के लिए दबाव डालने के लिए इस संगठन का निर्माण किया गया। इस संगठन के नेतृत्व में “ऊँट बचाओ आंदोलन” और माइग्रेंट भेड़पालकों की समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए। संगठन का उद्देश्य पशुपालन के तहत ज़्यादा से ज़्यादा रोजगार अवसर उपलब्ध कराना और डेयरी उद्योग के विकास को लक्ष्य बनाया गया है।
राईका बाग आंदोलन की गतिविधियाँ।
DNT आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों की झलक।
राष्ट्रीय पशुपालक संघ आंदोलन और उससे जुड़ी गतिविधियों की झलक।
राईका बाग आंदोलन
DNT आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों और जन-संवाद की झलक।
अभियान से संबंधित उपलब्ध विकल्पों को एक जगह से एक्सेस करें।
अपने क्षेत्र में साझा मोर्चा के अभियान से जुड़ें और स्थानीय मुद्दों पर काम करें।
21 से 35 वर्ष के युवा साथी उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।
जन-संवाद, चौपाल और जागरूकता कार्यक्रमों में अपना समय और कौशल दें।
नियम के अनुसार 21 से 35 वर्ष के इच्छुक युवा साथी साझा उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। आवेदन के लिए नीचे दिए गए पेज पर जाएँ।